Now Reading
मुश्किल समय में कभी न माने हार

मुश्किल समय में कभी न माने हार

मुश्किल समय में कभी न माने हार

लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।”

जी हां, जब मुश्किलें सामने खड़ी हो और समझ न आये कि क्या करें? तब उसका सामना डटकर करना चाहिये। कुछ ऐसी ही है मीरा की कहानी, जो आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

डर के आगे जीत है

एक दिन जब मीरा अपने पिता के साथ किसी ज़रुरी काम से शहर जा रही थी, तो उसने ज़िद करके ड्राइविंग सीट ले ली। पिता ने भी बेटी को कार चलाने की इजाज़त दे दी। अभी कुछ मील चले ही थे कि अचानक मौसम ने अपना रुख बदल लिया। बिजली ज़ोरदार चमक रही थी और आंखो के सामने अंधेरा – सा होने लगा।

तेज़ हवा और पानी को देखते हुए मीरा के पिता समझ गये कि आंधी आने वाली है। इतने में मीरा ने कहा, “क्या करें पापा, कहीं रुक जाये? लगता है, तेज़ बारिश होगी।“

पिता- “नहीं बस गाड़ी चलाते रहो…”

मुश्किल समय में कभी न माने हार
अपने अंदर के डर से लड़े  | इमेज : फाइल इमेज

कुछ दूर जाते ही मीरा ने फिर कहा – “पापा, हमें गाड़ी को साइड में लगाकर कही आश्रय लेना चाहिये। मौसम खराब हो रहा है।“

पिता – “नहीं बेटा, रुको नहीं गाड़ी तेज़ चलाते रहो।“

कुछ मीटर जाने के बाद, मीरा ने इस बार खिड़की से बाहर देखा, तो तेज़ बारिश ने आंधी का रुप ले लिया था। इस कारण पीछे की सभी कारें अपना कंट्रोल खो रही थी। यह देखते ही मीरा थोड़ा घबरा गई और फिर उसने पिताजी से कहा, “ पापा, हमें भी गाड़ी किनारे पर रोक देनी चाहिये।“

पिताजी – “नहीं बेटा, बस गाड़ी चलाते रहो।“

आंधी के कारण मीरा की रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई। आंधी और उड़ते धूल के कारण मीरा को आगे ड्राइविंग करना मुश्किल हो गया था। उसे बार – बार ये लग रहा था कि जैसे-तैसे कार रोककर उन्हें किसी सुरक्षित जगह चले जाना चाहिये, लेकिन पिताजी ने उसे चलते रहने की सलाह दी।

उस आंधी में बिना रुके लगातार मीरा ड्राइविंग करती रही। कुछ दूर जाते ही अब मीरा को आगे का रास्ता ठीक से दिखाई देना लगा और उसे राहत की सांस मिली। कुछ मील दूर आने के बाद मीरा को सूखी ज़मीन दिखाई देने लगी और मौसम भी लगभग साफ हो गया था। इतने में पिताजी ने मीरा से कार रोकने लिये कहा।

मीरा – “लेकिन अब क्यों ? अब तो हम आंधी से बाहर आ गये है।“

पिताजी ने मुस्कुराते हुए मीरा को जवाब दिया – “बेटा, आप उन लोगों को देखों, जिन्होंने हार मान ली और अब वह आंधी में फंस गये है, लेकिन आप रुके नहीं और आगे बढ़ते रहे। आपने आंधी के सामने कभी हार नहीं मानी और अब हम सुरक्षित हैं।

और भी पढ़े: खेल बनाते है बच्चों को इंटैलिजेंट

अब आप हमारे साथ फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर भी जुड़िये।

What's Your Reaction?
आपकी प्रतिक्रिया?
Inspired
0
Loved it
0
Happy
0
Not Sure
0
प्रेरणात्मक
0
बहुत अच्छा
0
खुश
0
पता नहीं
0
View Comments (0)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

©2019 ThinkRight.me. All Rights Reserved.